क्यों करे आडम्बर रहित मंगल पाठ

Rani Sati Dadi Photo

Rani Sati Dadi Photo

आडम्बर रहित मंगल पाठ,
जिसमे कोई सजावट नही,
कोई खिलौने वितरण नही,
कोई कापी पेन्सिल वितरण नही,
कोई बधाई वितरण नही,
मंगल के बाद कोई रात्री भोज वाला प्रसाद नही,
यहा तक की कोई सज धज कर भी आना अनिवार्य नही
दादी मंगल का गीता भागवत् अथवा रामायण की तरह ही पाठ करना।
क्योंकि बहुत सी महिलाओ को यह रहता है की आज मंगल मे जायेगे तो हमे यह मिलेगा वह मिलेगा, घर मे जब बहू घर आती है तो घर वाले पुछते है कि आज मंगल मे क्या क्या मिला जैसे मंगल पढ़ कर नही अपना बर्थडे मनाने गयी थी।

आज हम लोगो ने इस मंगल पाठ शब्द को एक मनोरंजन के रुप मे मनाने लगे है, क्युकी जब तक यहा 20 – 30 हजार रुपये खर्च ना कर लेवे लगता ही नहि की मजा आया।
मंगल पढने से मजा नही एक खुशी मितली है शुकुन मिलता है एक विश्वास होता है हमे की हम माँ नारायणी के और करिब हो रहे है।
परन्तु हमारे इस दिखावे की वजह से आज बहुत से परिवार माई से दूर होते जा रहे है कि अगर मे अपने घर मे मंगल मे कितना खर्च किया भई हम तो अभी नही कर सकते, और वे नही कर पाते
फिर कभी दादी चाहेगी तो करेंगे।
तो क्या हम इतना ज्यादा खर्च कर के अगर किसी एक को भी हमारे किये हुए इस दिखावे से दिक्कत होती है तो ये समझिये की हम दादी के नजदिक नही अपितु उन से कहीे न कही दूर हो रहे है।
इस कारण हमने ये निर्णय लिया की हम इस सादगी से दादी मंगल करने की कोशिश है
जिससे लोगो को पता चल सके की दादी मंगल कोई भी कभी भी कही भी बिना किसी खर्च के भी कर सकता है।
हमे विश्वास है की आप सभी हमारे इस निर्णय से सहमत होंगे।
🙏जय श्री दादी जी की🙏
सभी दादी भक्तो को अगर सही बात लगे तो इसे शेयर आवश्य करे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *